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नव वर्ष 2017

खास को खास खुशियाँ मिले खासकर,
आम लोंगो के मुहँ मुस्कुराने लगे।
सारी पीड़ा विदा हो नए वर्ष में, प्रीति के गीत सब गुनगुनाने लगे।।
भूख बीमारियाँ शोक खामोशियाँ,
इस धरातल से अन्यत्र जाने लगे।
नीरज अवस्थी
नीरज अवस्थी
सब सुखी हो नयन नीर नीरज भरे,
पग प्रगति पन्थ की ओर जाने लगे।।


राग-द्वेष को छोड़ छाड़ कर हम तुम सब मनुहार करे।
नये वर्ष पर अनुपम अद्भुत अमित अलौकिक प्यार करें।।
बीती ताहि बिसारि यार कोई से न तकरार करे।
दुश्मन भी अपने बन जाये ऐसा मृदु व्यवहार करे। (1)
             

गहन कोहरा ठिठुरती  भोर तन सिकुड़ा रजाई  है।
हमारी  हिचकियों  से  प्रीति  तेरी  याद आई    है।।
यथोचित भाव अभिवादन समर्पित कर रहे सबको,
नया   है  साल   नीरज  दे  रहे  सबको  बधाई  है।। (2)

ठिठुरती ठंढ की बेला नमन नीरज करें सबको।
दिवस हो खूबसूरत पल सुहाना हर मिले तुमको।
नया है वर्ष लेकिन आप से रिश्ता पुराना है।
विधाता धान्य धन खुशियों से माला माल कर सबको।(३)

अधूरे ख्वाब पूरे हो तुम्हारे काम बन जाये।
बढे यश आपका दुश्मन भी आकर यार बन जाये।
नये इस वर्ष में दुःख दर्द गम बीमारियां ना हो,
बढ़ाओ कीर्ति गाथा आपकी नीरज नयन गायें।।(४)

नये वर्ष में आप सभी का नीरज करते वन्दन है।
मेरे भारत की माटी का कण कण पावन चन्दन है।
नये साल में आज मिले हो ह्रदय पटल प्रमुदित मेरा,
अनजाने जाने मित्रो का बार बार अभिनन्दन है।(5)

आशुकवि नीरज अवस्थी
प्रधान सम्पादक काव्य रंगोली
हिंदी साहित्यिक पत्रिका
खमरिया पण्डित लखीमपुर खीरी उ0प्र0
262722
मो09919256950

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