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 माँ न होती

माँ न होती तो इस धरा का विस्तार न होता।
माँ न होती तो सृष्टि का सरोकार न होता।
माँ न होती तो स्नेह का आँचल न होता।
माँ न होती तो वात्सल्य का बादल न होता।
माँ न होती तो चलना कौन सिखाता।
माँ
माँ 
माँ न होती तो लपक गोदी कौन उठाता।
माँ न होती तो न शिक्षा न संस्कार होते।
माँ न होती तो जगत के व्यवहार न होते।
माँ न होती तो ये धड़कता दिल न होता।
माँ न होती तो हमारा सुनहरा कल न होता।
माँ न होती तो हौसलें हम हार जाते  ।
माँ न होती तो ग़मों से कैसे पार पाते।
माँ न होती तो बद वक्त कैसे निकलता।
माँ न होती तो कठिन संघर्ष कैसे टलता।
माँ न होती तो दुआएं कौन देता।
माँ न होती तो बलाएँ कौन लेता।
माँ न होती तो हर पल कहर था।
माँ न होती तो ये जीवन जहर था।
माँ न होती तो सूरज कैसे निकलता।
माँ न होती तो चाँद कैसे ढलता।
माँ न होती तो जीवन का अंकुरण न होता।
माँ न होती तो चेतना का संचरण न होता।
माँ न होती तो क्या सीमा पर वीर होते।
माँ न होती तो क्या सैनिक रणधीर होते है।
माँ न होती तो न ये फूल होते न लताएं।
माँ न होती तो व्यर्थ होती ये वीथिकाएं।
माँ न होती तो न बहिन होती न भाई होते।
माँ न होती तो सभी रिश्ते सड़कों पे रोते।
माँ न होती तो तो न कृष्ण होते न राम होते।
माँ न होती तो न ये धर्म तीरथ धाम होते
माँ न होती तो न कोई पैगम्बर न भगवान होते।
माँ न होती तो बुत से बेजान सभी इन्सान होते।
माँ न होती तो ये मौत सर पे सोती।
माँ न होती तो ये पीर पर्वत सी होती।

यह रचना सुशील कुमार शर्मा जी द्वारा लिखी गयी है . आप व्यवहारिक भूगर्भ शास्त्र और अंग्रेजी साहित्य में परास्नातक हैं। इसके साथ ही आपने बी.एड. की उपाध‍ि भी प्राप्त की है। आप वर्तमान में शासकीय आदर्श उच्च माध्य विद्यालय, गाडरवारा, मध्य प्रदेश में वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) के पद पर कार्यरत हैं। आप एक उत्कृष्ट शिक्षा शास्त्री के आलावा सामाजिक एवं वैज्ञानिक मुद्दों पर चिंतन करने वाले लेखक के रूप में जाने जाते हैं| अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में शिक्षा से सम्बंधित आलेख प्रकाशित होते रहे हैं | अापकी रचनाएं समय-समय पर देशबंधु पत्र ,साईंटिफिक वर्ल्ड ,हिंदी वर्ल्ड, साहित्य शिल्पी ,रचना कार ,काव्यसागर, स्वर्गविभा एवं अन्य  वेबसाइटो पर एवं विभ‍िन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाश‍ित हो चुकी हैं।आपको विभिन्न सम्मानों से पुरुष्कृत किया जा चुका है जिनमे प्रमुख हैं :-
 1.विपिन जोशी रास्ट्रीय शिक्षक सम्मान "द्रोणाचार्य "सम्मान  2012
 2.उर्स कमेटी गाडरवारा द्वारा सद्भावना सम्मान 2007
 3.कुष्ट रोग उन्मूलन के लिए नरसिंहपुर जिला द्वारा सम्मान 2002
 4.नशामुक्ति अभियान के लिए सम्मानित 2009
इसके आलावा आप पर्यावरण ,विज्ञान, शिक्षा एवं समाज  के सरोकारों पर नियमित लेखन कर रहे हैं |

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