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माँ की ममता

होती कैसी है माँ की ममता
सवाल है कठिन सब कहता

भूल कर ख़ुद गर्भ की पीड़ा को
माँ की ममता
हमें समेट कर अपने अंचल में

सब कष्ट उस कष्ट से छोटे है
नौ महीने पेट में रख उठाती है

दुनिया के हर दर्द से बड़ा वो दर्द
माता जन्म देते वक्त सहन करती

माता अपनी हर इच्छा को मार देतीं
हमें हमेशा कामयाब देखना चाहती

मेरे सिर पर तुम हाथ फिराकर
हमेशा मामता से तुम सहलाती

भूल कर मैं सारी दुनियादारी को
मामता की गोदी मेँ सो जाऊँ मैँ

बूढी हड्डियों में ना है अब वो दम
हाथ पैरों में होता है अब कम्पन

फिर भी हर दिन हर पल चिंता करती
पोता/नातिन को लिए गोद मे खिलाती

कठिन है समझना इनकी मामता को
जग जाहिर है जननी की महानता तो

समर्पित भाव से अपना तन - मन देना
माँ की ममता में होती है सच्ची भावना

मामता मई माता की हर इच्छा हो पूरी
छिपी होती है कामियाबी इसीमे हमारी
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✍🏻️..राज मालपाणी
    शोरापुर - कर्नाटक
      ८७९२१४३१४३

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