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भाई दूज 

1.
रक्षा कवच
प्रीत डोर से बंधा
भाई रक्षक

भाई दूज

2.
बहन फूल
जिस आँगन खिला
खुशबु फैली


3.
है ससुराल
या पीहर को कहे
अपना घर


4.
तमस लुटा
जब प्रकाश पर्व
उजाला बँटा


5.
धन तेरस
पूजा घर की लक्ष्मी
बहन बेटी


6.
दीवाली मना
जो भाई दूज आई
प्रीत निभाई


7.
जिस दिन हो
हर स्त्री महफूज
तो भाई दूज


यह रचना विनोद कुमार दवे जी द्वारा लिखी गयी है .आपकी,पत्र पत्रिकाओं यथा, राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, अहा! जिंदगी,  कादम्बिनी , बाल भास्कर आदि  में कुछ रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं ।आप वर्त्तमान में अध्यापन के क्षेत्र में कार्यरत हैं .
सपंर्क सूत्र -
विनोद कुमार दवे
206
बड़ी ब्रह्मपुरी
मुकाम पोस्ट=भाटून्द
तहसील =बाली
जिला= पाली
राजस्थान
306707
मोबाइल=9166280718
ईमेल = davevinod14@gmail.com


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