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माँ का आशीर्वाद

एक अलग-सी खुशबु है 
दुर्गा पूजा के पंडालो में,
धुनि (ধুনী ) में, भसनो में,
माँ का आशीर्वादगरबो (ગરબા) में, डंडियों में,
माँ की आरती में, 
गानो में, बखानो में,
कुछ दिनों का त्यौहार कह लो 
या हिंदुस्तानी व्यवहार कह लो 
पर ये जो मन,असीम उत्साह संजो लेता है इन कुछ पालो में,
उसे मन का भक्ति के साथ, और मस्तिष्क का शक्ति के साथ 
अनन्त सा मेल कह लो....
एक अलग-सी खुशबु है 
दुर्गा पूजा के पंडालो में,
धुनि (ধুনী ) में, भसनो में,
गरबो (ગરબા) में, डंडियों में ||



~नम्रता

यह रचना नम्रता नगर जी द्वारा लिखी गयी है।आपने २०१०(2010) में पुणे से ऍम.बी.ए कर कुछ अंतरातराष्ट्रीय,कुछ स्टार्टअप्स एवं कुछ सरकारी संस्थानों के साथ काम करने के बाद अपना खुद का डिजिटल कंटेंट का व्यवसाय शुरू किया. अभी अपनी फ्रीलांसइंग परियोजनाओ के अतिरिक्त आप विज्ञान के ज्ञान और कला की बारीकियों को साथ में रख कर किन समाजिक समस्याओ का हल किया जा सकता है उसकी रूप रेखा बनाने की पहल कर रही हैं | अपनी इस पहल का नाम आपने वाचसोच दिया है (जो वाच्य+सोच की संधि से निर्मित है) | लेखन में बाल्यकाल से रूचि होने के कारण में हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओ में कई विषयो पर कई प्रकार की शैलियों में लिखती रही हैं |

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