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हालात आदमी को झूठा बना देती है

जिन्दगी बादशाहत हर वक्त सजा देती है।
नसीहत सही हो तो बेवफा भी दुंआ देती है।

राहुलदेवहम भी सच्चे हैँ अपनोँ को बता भी ना सके,
शायद हालात आदमी को झूठा बना देती है।

शरेआम हम गमोँ की तौहिन नही करेगेँ,
होके आदमी के साथ जमानेँ का रंग बता देती है।

कभी कभी नजरेँ भी हकीकत नही देखती,
कभी कभी वक्त चेहरोँ को खौफनाक बना देती है।

यह रचना राहुलदेव गौतम जी द्वारा लिखी गयी है .आपने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की है . आपकी "जलती हुई धूप" नामक काव्य -संग्रह प्रकाशित हो चुका  है .
संपर्क सूत्र - राहुल देव गौतम ,पोस्ट - भीमापर,जिला - गाज़ीपुर,उत्तर प्रदेश, पिन- २३३३०७
मोबाइल - ०८७९५०१०६५४

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