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उदार
उदार

उदार डॉ. (श्रीमती) अपर्णा शर्मा परिवार नियोजन की योजनाओं ने मध्यम वर्ग को छोटे परिवारों के रूप में थोड़ी राहत क्या दी कि बच्चों की परवर...

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मासूम चेहरा (भाग २ )
मासूम चेहरा (भाग २ )

मासूम चेहरा (भाग २ )  प्रिया तुरंत सूटकेस में अपने कपड़े डाले और पुरे मोहल्ले में नमिता को बदनाम कर चली गई | सब को यही बताया कि "मैं...

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बरसात
बरसात

 बरसात  "रूत तो बहुत आयी बरसात की, भीगना अच्छा ना लगता था। इस बार न जाने क्या बात हुयी, घंटो भीगते रहे बरसात में।"....... ...

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बादल अगर बरसें नहीं
बादल अगर बरसें नहीं

मान लो! बादल अगर बरसें नहीं मान लो! बादल अगर बरसें नहीं नीर जो उनमें भरा है, वो कहाँ ले जाएंगे क्या करेंगे, इतने सारे नीर का अपनी ...

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मासूम चेहरा
मासूम चेहरा

    मासूम चेहरा  "अरे अब तो अपने बेटे का ब्याह कर दे " सविता ने नमिता से कहा | "हाँ चल तू ही कोई लड़की दिखा दे |" न...

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आज मुझे जी लेने दो !
आज मुझे जी लेने दो !

 आज मुझे जी लेने दो !  क्यों नई लगे दुनिया अब से, जी रही थी इसमें जाने कब से। स्पंदन जैसे झंकार लगे, उस लय में सब कुछ खोने दो, आज म...

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आगाज ए उल्फत मेँ चुप हैँ
आगाज ए उल्फत मेँ चुप हैँ

आगाज ए उल्फत मेँ चुप हैँ आगाज ए उल्फत मेँ चुप हैँ गर्दे जबान! कुछ नुमाइशोँ पर तहरीर हैँ गर्दे जबान। तमाम अर्जी दलीलोँ की फकत बेचैन हैँ...

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तुम कहाँ से आई
तुम कहाँ से आई

तुम कहाँ से आई  आँखों का नूर बनाकर  रखा हमेशा  साथ अपने  जिसने पथ का बोध कराया  आज उसी माँ से कहते हो  तुम कहाँ से आई I अ...

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जल गए अरमान सारे
जल गए अरमान सारे

जल गए अरमान सारे जल गए अरमान सारे हुए ख्वाब पत्थर के सारे कशमकश मे तुमने घायल किया मुझे ख़ामोश हो गए मेरे इन्तजाम सारे तन्हा दिल लड़ता ...

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 मेरी प्रिय पुस्तक
मेरी प्रिय पुस्तक

   मेरी प्रिय पुस्तक (My Favorite Book) मुझे श्रेष्ठ पुस्तकों से अत्यधिक प्रेम है .यों मुझे अनेक पुस्तकें पसंद हैं ,लेकिन जिसने मुझे...

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सूखी नदी
सूखी नदी

सूखी नदी  सूखी नदी  दरारें अनेकों  खंडहर, किनारे खड़े पेड़  बबूल के  छोटी छोटी घासें उदास  उस किनारे झाड़  ठेंगा दिखात...

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प्रोफेसर श्यामाचरण दुबे
प्रोफेसर श्यामाचरण दुबे

पारिवारिकता से परे महान भारतीय समाजशास्त्री : प्रोफेसर श्यामाचरण दुबे स्मृतिलेख – डॉ. शुभ्रता मिश्रा प्रारम्भ से ही मानवीय संस्कृति और...

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दहेज प्रथा
दहेज प्रथा

दहेज प्रथा दहेज भारतीय समाज  के लिए अभिशाप है .यह कुप्रथा घुन की तरह समाज को खोखला करती चली जा रही है .इसने नारी जीवन और समाजिक व्यवस्था...

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लिखने के बहाने
लिखने के बहाने

लिखने के बहाने जी चाहता है खुले आसमान मे, पंख फैलाये उडान भर लूँ! इस पावन धरा के हर कृृषक- की किस्मत मे, जीने की तमन्ना का एक नया...

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रजनीगंधा
रजनीगंधा

रजनीगंधा रजनीगंधा हो तुम मेरे जीवन की.... अरमानों का ताज़गी भरा प्याला हो बेखुदी मे डूबी मद-मस्त हाला हो। तुम्हारे आँखों मे डूबने को जी...

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चन्द्रशेखर आजाद
चन्द्रशेखर आजाद

चन्द्रशेखर आज़ाद होने का अर्थ  (23 जुलाई को आज़ाद के जन्मदिवस पर विशेष ) महान क्रांतिकारी चन्द्रशेखर "आज़ाद" का जन्म 23 जुलाई ...

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केदारनाथ अग्रवाल
केदारनाथ अग्रवाल

          जनवादी काव्य-सर्जक केदारनाथ अग्रवाल कवि चेतन सृष्टि के कर्ता हैं । हम कवि लोग ब्रह्मा हैं । कवि को महाकाल मान नहीं सकता ।...

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