0
उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और स्वायत्तता
उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और स्वायत्तता

               उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और स्वायत्तता  - सुशील कुमार तिवारी                       उच्च शिक्षा किसी भी देश की शिक्षा क...

और जानिएं »

0
संकल्पना
संकल्पना

दक्षिण भारत के हिंदी शोध की बानगी : ‘संकल्पना’ हिंदी के क्षेत्रीय और भौगोलिक लक्ष्मण रेखाओं का अतिक्रमण करके सार्वदेशिक अखिल भारतीय भाषा ...

और जानिएं »

0
एक जलता हुआ दृश्य
एक जलता हुआ दृश्य

  एक जलता हुआ दृश्य                                                                                     सुशांत सुप्रिय वह एक जलता हु...

और जानिएं »

1
लटकती तलवार
लटकती तलवार

लटकती तलवार अभय जब घर लौट कर आया तो बहुत परेशान और उदास था. पूजा पानी लेकर आई और उसके बगल में बैठ गई. अभय ने पानी पी लिया तो वह बोली &qu...

और जानिएं »

2
उठो
उठो

उठो उठो समय आया है नव नभ में उड़ने की नया बेला में नव उपवन में लिखो नया सबेरा नई किरण नई आशा का नव संचार करो कहते जाओ बहत...

और जानिएं »

0
अनुभव ( भाग २ )
अनुभव ( भाग २ )

अनुभव ( भाग २ )  मैंने सोचा बहुत सोचा आखिर फैसला ये लिया कि मुझे भी अपनी प्रशंसा करना सीखना होगा | किन्तु किसी भी आदत को आप यूँ ही नहीं ...

और जानिएं »

1
शिक्षक दिवस
शिक्षक दिवस

शिक्षक दिवस  पाँच सितम्बर का दिन भारत में बच्चों के लिए अत्यंत विशेष महत्व का दिन होता है . यह श्री राधाकृष्णन जी का जन्म दिवस होता है ....

और जानिएं »

1
अनुभव
अनुभव

  अनुभव  आज ही मुझे अपनी नौकरी के लिए जाना था | मै बड़ी उत्साहित थी क्योंकि मै घर के साथ बाहर की दुनिया में भी कदम रखने वाली थी | बचपन से...

और जानिएं »

0
आओ साहित्यकार बनें
आओ साहित्यकार बनें

आओ साहित्यकार बनें   साहित्यकारिता करना बहुत सरल है लेकिन ठीक ढंग से साहित्य तभी लिखा जा सकता है जब अच्छे शब्दों की रूप रेखा हो और विचारो...

और जानिएं »

4
गंगा नदी
गंगा नदी

गंगा नदी गंगा नदी अथवा पवित्र नदी , जैसा कि नाम से ही प्रकट होता है , हमारे भीतर श्रध्दायुक्त विस्मय और आध्यात्मिकता की भावना का संचार क...

और जानिएं »

1
हमारे चचाजी
हमारे चचाजी

हमारे चचाजी हमारे चचा जी हमारे घर के पास रहते हैं.वे सरलता के परिपक्व इंसान हैं.लोगों की मदद करना उनकी नियति है.वे सदैव बड़े लोगों का सम...

और जानिएं »

2
एक बार फिर
एक बार फिर

एक बार फिर एक बार फिर उमड़ रहा है वात्सल्य अजन्मा के प्रति जिसे देखा तक नहीं पहले भी कई बार गर्भ ने आकार लिया है बिना देखे ही उससे घ...

और जानिएं »

0
विश्व विकलांग दिवस
विश्व विकलांग दिवस

तंत्र और समाज से त्रासित विकलांग       26 जून विश्व विकलांग दिवस पर विशेष   विकलांगता कोई अभिशाप या पूर्व जन्मों  की सजा या परिवार क...

और जानिएं »

0
बुजुर्ग
बुजुर्ग

बुजुर्ग गाड़ी रफ्तार पर थी और अधिकतर यात्रियों की नींद भी। विविध प्रकार के खर्राटों की आवाजे़ं बोगी में गूंज रही थीं। परन्तु शिवम की आँखो...

और जानिएं »

1
मृत्यु-बोध
मृत्यु-बोध

मृत्यु-बोध मैं पहली बार श्मशान गया था। अन्त्येष्ठि मेरे मित्र की थी इसलिये खालीपन का कसैला स्वाद रह-रहकर मस्तिष्क अनुभव कर रहा था। मेरे...

और जानिएं »
 
 
Top