2
Advertisement

शिक्षा का महत्व

आज मनुष्य के लिए जितना महत्व भोजन , कपड़ा,हवा और पानी का है , उससे कहीं अधिक महत्व शिक्षा का है . शिक्षा के अभाव में मनुष्य पशु के समान हो जाता है .

महत्व :

शिक्षा का मानव जीवन में बहुत महत्व है . कुछ विद्वानों का कहना है कि शिक्षा केवल इसीलिए ग्रहण की जाती है कि मनुष्य अपनी जीविका कमा कर दाल - रोटी खा सके . परन्तु यह शिक्षा का वास्तविक ध्येय नहीं है . अन्य विद्वानों ने कहा है कि शिक्षा का वास्तविक ध्येय मनुष्यों को सदाचारी बनाना है और कुछ अन्य के अनुसार शिक्षा का ध्येय मनुष्यों को अच्छा नागरिक बनाना है , जिससे कि वे अपने राष्ट्र की उन्नति कर सकें . कुछ भी हो ,शिक्षा का ध्येय बहुत ही व्यापक है . वास्तव में वही मनुष्य को मनुष्य बना देती है .

लाभ :

शिक्षा
शिक्षा से मनुष्य में ज्ञान का प्रसार होता है और उसकी बुद्धि का विकास होता है . शिक्षा के द्वारा ही मनुष्य को देश - विदेश ,इतिहास ,विज्ञान ,धर्मशास्त्र और राजनीति शास्त्र का ज्ञान होता है . शिक्षा से ही मनुष्य के दिमाग का पूर्ण विकास होता है .


शिक्षा से ही मनुष्य अच्छे - बुरे की पहचान कर सकता है . भारत में जितने भी बड़े - बड़े समाज सुधारक हुए  वे सबके सब बहुत शिक्षित थे . स्वामी दयानंद ,ईश्वरचन्द्र विद्यासागर ,महात्मा गाँधी ,मदन मोहन मालवीय देश के सच्चे कर्णधार और सेवक थे . वे सब पूर्ण शिक्षित थे . इसी कारण आज इनलोगों का नाम इतना प्रसिद्ध है .

उपसंहार -

इतिहास साक्षी है कि अशिक्षित और असभ्य जाति में संस्कृति नहीं होती है . पूर्व पाषाण काल व उत्तर पाषाण काल के लोग अशिक्षित थे . आर्यजाति शिक्षित थी . बिना शिक्षा के मनुष्य पशु के समान है . अब प्रत्येक नागरिक को निरक्षरता के कलंक को दूर कर देना चाहिए . 

एक टिप्पणी भेजें

  1. हर किसी के जीवन में शिक्षा का महत्व बहोत हैं, शिक्षा से घर आगे बढ़ता हैं, गाव आगे बढ़ता हैं, शहर आगे बढ़ता हैं, और देश आगे बढ़ता हैं, शिक्षा के बिना मनुष्य पशु के समान है. इसलिए हर एक नागरिक को साक्षर होना चाहिये.

    उत्तर देंहटाएं

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top