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समाचार पत्र
समाचार पत्र एक दिन का इतिहास है . इसे अखबार भी कहते हैं . इस पत्र के द्वारा हमें देश - विदेश की जानकारी मिलती है . प्रति दिन संसार पर कहाँ क्या होता है , इसका वर्णन इस समाचार पत्र में छप जाता है . यह प्रेसों से निकाला जाता है .
प्रकार :
 समाचार पत्र कई प्रकार के होते हैं - १.दैनिक समाचार पत्र - पत्र जिसमें रोज-रोज की जानकारी प्राप्त होती है , साप्ताहिक - वह पत्र जो सात दिनों में निकलता है , उसे साप्ताहिक समाचार पत्र कहते हैं . ३ पाक्षिक - वह पत्र जो १५ दिनों में एक बार निकलता है , उसे पाक्षिक समाचार पत्र कहते हैं . ४ मासिक पत्र - यह पत्र जो प्रत्येक महीने में एक बार निकलता है , उसे हम मासिक समाचार पत्र कहते हैं .
उसे दैनिक समाचार पत्र कहते हैं . २.
जन्म :
समाचार पत्र का जनक चीन है . सर्वप्रथम चीन में ही छपाई का काम प्रारंभ हुआ था . हमारे देश में छपाई का प्रारंभ अंग्रेजो के द्वारा हुआ . आज हमारे देश में अनेक समाचार पत्र , अनेक भाषाओं में छपते हैं .
लाभ :
समाचार पत्र हमारे लिए बहुत उपयोगी एवं लाभदायक हैं . समाचार पत्र वह माध्यम है जिससे हमें सम्पूर्ण संसार की खबर रोज मिलती है . आज सभी देश एक दूसरे से जुड़े हुए हैं . समाचार पत्र ही एक ऐसा सस्ता साधन है जिससे देश का हर व्यक्ति लाभ उठा सकता है . समाचार पत्र में केवल देश - विदेश की खबरें ही नहीं छपती , बल्कि अन्य प्रकार की जानकारी भी होती है . बच्चों के लिए छोटी - छोटी कविताएँ एवं कहानियाँ भी छपती हैं , जिसे पढ़कर वे आनंद विभोर हो जाते है . समाचार पत्र में सिनेमा , समाचार ,विभिन्न प्रकार के विज्ञापन आदि भी छपते हैं .
दोष :
समाचार पत्र में असावधानी के कारण कुछ गलत समाचार भी छप जाते हैं . इसका प्रभाव हर पाठक पर पड़ता है . आज हर समाचार पत्र किसी न किसी राजनीतिक पार्टियों से जुड़ा हुआ है और वह उसी पार्टी का राग आलापता है . यह ठीक नहीं है . समाचार पत्र निष्पक्ष होना चाहिए .




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