6
Advertisement
सो जा बिटिया रानी,
आँखों मे तेरे बसने को,
तड़पे निंदिया रानी,
     सो जा बिटिया रानी

खोल द्वार उस परी नगर का,
इंतजार करती है तेरा,
उन परियों की नानी,
     सो जा बिटिया रानी

सुंदरतम उस स्वप्न जगत में,
तुझे सुनाएगी हँस - हँस कर,
उन परियों की कहानी,
     सो जा बिटिया रानी

संग रहेंगे चंगृदामामा,
तोरे संग तेरे खेलेंगे,
रंगराज अयंगर


करना तू मनमानी,
     सो जा बिटिया रानी


जागोगी जब देर रात तक,
सारी परियाँ उड़ जाएंगी,
मत कर तू नादानी,
     सो जा बिटिया रानी




यह रचना माड़भूषि रंगराज अयंगर जी द्वारा लिखी गयी है . आप इंडियन ऑइल कार्पोरेशन में कार्यरत है . आप स्वतंत्र रूप से लेखन कार्य में रत है . आप की विभिन्न रचनाओं का प्रकाशन पत्र -पत्रिकाओं में होता रहता है . संपर्क सूत्र - एम.आर.अयंगर. , इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड,जमनीपाली, कोरबा. मों. 08462021340

एक टिप्पणी भेजें

  1. आपकी लिखी रचना शनिवार 06 दिसम्बर 2014 को लिंक की जाएगी........... http://nayi-purani-halchal.blogspot.in आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  2. आदरणीय अयंगर जी,

    वात्सल्यमयी काव्य रसास्वादन कराने के लिए आभारी हूँ।

    दो स्थानों पर रसभंग हो रहा है, कृपया एक बार पुनः देख लें :



    सुझाव :

    १. "तड़पे" के स्थान पर "मचले" सही रहेगा।

    २. "तोरे" के स्थान पर "तारों" सही रहेगा।





    आँखों मे तेरे बसने को,
    तड़पे (मचले) निंदिया रानी,
    सो जा बिटिया रानी।
    खोल द्वार उस (तू) परी नगर का,
    इंतजार करती है तेरा,
    उन परियों की नानी,
    सो जा बिटिया रानी।
    सुंदरतम उस स्वप्न जगत में,
    तुझे सुनाएगी हँस-हँस कर,
    उन परियों की कहानी,
    सो जा बिटिया रानी।
    संग रहेंगे चंदामामा,
    तोरे (तारों) संग तेरे खेलेंगे,







    रंगराज अयंगर





    करना तू मनमानी,
    सो जा बिटिया रानी।

    उत्तर देंहटाएं
  3. मेरा प्रयास :


    सो जा बिटिया रानी !

    आँखों में आई रहने को सपनों की सेठानी

    पलकों का पल्लू करने की माने रीति पुरानी

    आगे-पीछे घूम रही है थपकी नौकर-रानी

    सो जा बिटिया रानी, सो जा बिटिया रानी।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बेनामीमई 20, 2015 5:43 pm

    मन प्रसन्न हो गया .
    संदीप सिंह ....

    उत्तर देंहटाएं
  5. बाल मनोविज्ञान को समझते हुए रची गई प्यारी - सी लोरी !

    उत्तर देंहटाएं
  6. बाल मनोविज्ञान को समझते हुए रची गई प्यारी - सी लोरी !

    उत्तर देंहटाएं

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top