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अमरकांत
ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त करने वाले वयोवृद्ध साहित्यकार अमरकांत की कलम सोमवार की सुबह हमेशा के लिए थम गई। अर्से से बीमारी से जूझ रहे इस जीवट रचनाकार ने अशोकनगर स्थित पंचपुष्प अपार्टमेंट में अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह 89 वर्ष के थे। उनके चिरनिद्रा में लीन होने की खबर से प्रयाग का साहित्य जगत अवाक रह गया। आगे पढ़ें  ..



सौजन्य -  जागरण. कॉम

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