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श्री रामचँद्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम्.
नवकंज - लोचन, कंज - मुख, कर कंज, पद कंजारुणम् ..

कंदर्प अगणित अमित छबि, नवनील - नीरद सुंदरम्.
पट पीत मानहु तड़ित रुचि शुचि नौमि जनक - सुतानरम् ..

भजु दीनबंधु दिनेश दानव - दैत्य - वंश - निकंदनम्.
रघुनंद आनँदकंद कोशलचंद दशरथ - नंदनम् ..

सिर मुकुट कुंडल तिलक चारु उदारु अंग विभूषणम्.
आजानुभुज शर - चाप - धर, संग्राम - जित - खर ​​- दूषणम्

इति वदति तुलसीदास शंकर - शेष - मुनि - मन रंजनम्.
मम् हृदय - कंज - निवास कुरु, कामादि खल - दल - गंजनम्

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  1. bahut sundar app logo ka prayas hai app aise hi aur achhe achhe prays karte rahe yahi hamari kamna hai.

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  2. bahut sundar app logo ka prayas hai app aise hi aur achhe achhe prays karte rahe yahi hamari kamna hai.

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  3. bahut sundar app logo ka prayas hai app aise hi aur achhe achhe prays karte rahe yahi hamari kamna hai.

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  4. hindi me itni achchi web said dekhkar man prsnnta se avm garv se bhar utha. bahut _bhut sadhuvad.aapke pryas hindi premiyo ke liye prernadayi hai.

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  5. Bahut aacha laga ki hindi mai bhi kuch hai,hame apni rastra bhasa par garv hai

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  6. Hindi bhasha ke vikas ke liye apaka prayas bahut accha hai.

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