15
Advertisement
अरविन्द कुमार सिंह
मेरे घर के पास एक किनारे का पेड़ है ,
जो उस दिन की प्रतीक्षा कर रहा है -
जब एक नया सवेरा आएगा ,
इसलिए उसकी निगाह मेरी झोपड़ी के ,
टूटे फूटे दरवाजे पर टिकी रहती है
मै हताश हूँ
पर मैं निराश नहीं हूँ ,
मैंने जीवन जी रहा हूँ
नेताओं के आश्वाशन पर -
उनकी मिश्री घुली बातों पर ---
उस असीम ,अज्ञात शक्ति के चमत्कारों पर
परिवर्तन होगा
दिन फिरेगे
इसलिए भविष्य पर भरोसा किये बैठा हूँ
एक नया समाज बनेगा -
निराशा और दुःख के बादल छटेंगे -
चारों तरफ सुखों के फूल खिलेंगे -
इसलिए भविष्य रूपी बादलों को देखता हूँ
भविष्य के गर्भ में छिपा खुशहाल भारत देखता हूँ

" यह रचना अरविन्द कुमार सिंह द्वारा लिखी गयी है . आप कोलकाता में अध्यापक के रूप में कार्यरत है . अरविन्द जी की कविताओं का संग्रह 'नवरंग' जल्द ही प्रकाशित होने वाला है . प्रस्तुत कविता उसी संग्रह से ली गयी है . आपकी रचनाये विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी है . व्यंग के माध्यम से वर्तमान हालत पर रोष व्यक्त करना तथा आशावादिता बनाये रखना इनकी रचनाओं का प्रमुख लक्षण हैं ."

एक टिप्पणी भेजें

  1. badhai ho Abi.....shandaar abhivyakti ....navrang ka intezar hai hum sabko....keep it up dear ...

    उत्तर देंहटाएं
  2. sir its really very nice. Congratulations. :-):-)

    उत्तर देंहटाएं
  3. sir its really very nice :-) congratulations. :-)

    उत्तर देंहटाएं
  4. vishwa-sahitya ki utkristtam nidhi.......valmiki agar aaj hote to sochte ki unhone jaldbaazi kyun ki , pehle kuch padh lete seekh lete tabhi likhte...... jeejaji u r the greatest......even better than your spouse. i love you.

    उत्तर देंहटाएं
  5. sir its really gud ..amzng congratulations :)

    उत्तर देंहटाएं
  6. प्रिय महाशय ,
    इस ब्लोग के द्वारा बहुत कुछ जानकारी आप पाठकों को देते आ रहे हैं । पता नहीं हम सब आप से कितने आभारी हैं। मेरी ओर से आप को एक बिनती है कि आप मैथिलीशरणगुप्त की कविता -पंचवटी - इस ब्लोग में भिजवाने की कृपा करें ताकि मेरे छात्रों की सहायता मैं कर सकता हूँ ।

    उत्तर देंहटाएं
  7. Sir, the poem about India is very good, and it is thought provoking !

    उत्तर देंहटाएं
  8. apki kavita bahot dil ko touch kar gye lakin nirasha vadi bhi lage app white colour par barosa kar ke nei subah ka intajar kar rahe hai bahot hi virodah abbash hai

    उत्तर देंहटाएं
  9. neetuji thanks for given ur comment but dont say nirashavadi u read my nest poem tittle "muudde" then u chage ur opeion about what u say .one agen thanx to u,

    उत्तर देंहटाएं
  10. thanx to every one t5hose u liking my kavita

    उत्तर देंहटाएं

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top