2
Advertisement
अमीर  खुसरो
बहुत दिन बीते पिया को देखे,
अरे कोई जाओ, पिया को बुलाय लाओ
मैं हारी वो जीते पिया को देखे बहुत दिन बीते।

सब चुनरिन में चुनर मोरी मैली,
क्यों चुनरी नहीं रंगते?
बहुत दिन बीते।
खुसरो निजाम के बलि बलि जइए,
क्यों दरस नहीं देते?
बहुत दिन बीते।


अमीर खुसरो को हिंदी का पहला लोकप्रिय कवि माना जाता है । खुसरो अरबी ,फारसी ,तुर्की और हिंदी के विद्वान थे तथा इन्हें संस्कृत का भी थोडा बहुत ज्ञान था । इन्होने कविता की ९९ पुस्तकें लिखी जिनमे कई लाख शेर थे । पर अब इनके केवल २० -२२ ग्रन्थ ही प्राप्य है। इन्होने  फारसी से अधिक हिंदी में लिखा है । इनके साहित्य में भी समय समय पर प्रक्षेपों का समावेश होता रहा है। इनकी कुछ पहेलियाँ ,मुकरियां और फुटकर गीत उपलब्ध होते है ,जिनसे इनकी विनोदी प्रकृति का भली भातिं परिचय मिल जाता है । मनोरंजन के खजाने  से मालामाल सूफियों में अग्रणी कवि अमीर खुसरों ने अपनी सहज मनोवृति के कारण जन सामान्य को उन्मुक्त ह्रदय से मालामाल कर दिया ।


विडियो के रूप में देखें :- 

एक टिप्पणी भेजें

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top