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मुल्ला नसरुद्दीन
नसीरुद्दीन घर की छत पर काम कर रहा था कि ऐसे समय एक भिखारी ने रास्ते से आवाज दी ," मुल्ला साहब,एक बार नीचे आईएगा ? "
नसीरुद्दीन छत से उतरकर रास्ते पर आया . भिखारी बोला ,"थोड़ी सी भीख देंगे ,मुल्ला साहब "
"तुमने यही बात कहने के लिए मुझे छत से उतारा?'
भिखारी ने संकुचित होकर कहा " माफ़ कीजिएगा मुल्ला साहब ,तेज आवाज में भीख माँगने में शर्म आती है .'
"हुं...तो तुम छत पर आओ मेरे साथ .'
भिखारी के साथ तीन मंजिलों की सीढ़ियाँ चढ़कर छत पर पहुँचने के बाद नसीरुद्दीन ने कहा ,'अच्छा तो तुम जा सकते हो ,भीख -वीख नहीं मिलेगी .'

मुल्ला नसरुद्दीन होजा तुर्की (और संभवतः सभी इस्लामी देशों का) सबसे प्रसिद्द विनोद चरित्र है. तुर्की भाषा में होजा शब्द का अर्थ है शिक्षक या स्कॉलर. उसकी चतुराई और वाकपटुता के किस्से संभवतः किसी वास्तविक इमाम पर आधारित हैं. कहा जाता है की उसका जन्म वर्ष १२०८ में तुर्की के होरतो नामक एक गाँव में हुआ था और वर्ष १२३७ में वह अक्सेहिर नामक मध्यकालीन नगर में बस गया जहाँ हिजरी वर्ष ६८३ (ईसवी १२८५) में उसकी मृत्यु हो गई. मुल्ला नसरुद्दीन के इर्दगिर्द लगभग ३५० कथाएँ और प्रसंग घुमते हैं जिनमें से बहुतों की सत्यता संदिग्ध है.
सौजन्य : विकिपीडिया हिंदी 

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