7
Advertisement
डॉ. वंदना मुकेश
कूँए में  क्लोरीन की मात्रा बढ़  गई है
बेचारे भोले जीव-जंतु तड़प रहे हैं
एक-एक कर मर रहे हैं।
बच गया  है मोटी चमड़ीवाला मेंढक,
बेताज बादशाह...
मोटी चमड़ीवाला  मेंढक,
सोचता भी है और दुनिया को
 अपनी ही  नज़र से देखता भी है।
उसकी नज़र में दुनिया
ऊँची, लंबी, सँकरी है।


यह रचना डॉ. वंदना मुकेश द्वारा लिखी गयी है . आप स्वतंत्र रूप से लेखन कार्य में सम्बद्ध है.आपने अपने  छात्र जीवन में ही काव्य लेखन की शुरुआत की थी ।1987 में साप्ताहिक हिंदुस्तान में पहली कविता 'खामोश ज़िंदगी' प्रकाशन से अब तक विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं और साहित्यिक पुस्तकों, वेब पत्र-पत्रिकाओं में विविध विषयों पर कविताएँ, संस्मरण, समीक्षाएँ, लेख, एवं शोध-पत्र आदि  प्रकाशित हो चुकी हैं .

एक टिप्पणी भेजें

  1. मच्छिंद्र ऐनापुरे, सांगली ( महाराष्ट्र)सितंबर 18, 2011 9:23 pm

    आप की मेंढक कविता अच्छी लगी. मेंढक अपनी नजर से दुनिया को देखता है. हर गली का कुत्ता शेर होता है, इसतर...

    उत्तर देंहटाएं
  2. Dear Vandana Madam,

    main aapki mendhak wali puri kavita padna chahti hu. Main ise kese padh sakti hu kripa karke bataye

    Thank you
    Reetu Nigam.
    M.A Sanskrit Student

    उत्तर देंहटाएं
  3. मेढक की कविता अच्छी लगी. जी तो करता है की आपकी कविता मेरे पृष्ठ पर भी प्रकाशित करू कंही आप नाराज न हो जांए इसलिए आपसे अनुमती चाहता हूँ

    नारायण http://narayankunj.weebly.com/

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. बेनामी जी, क्षमा चाहती हूँ कि इतने वर्षों बाद जबाव दे रही हूँ, आपकी नैतिकता को प्रणाम करती हूँ, आप को रचना अच्छी लगी, हार्दिक आभार, आप इसे प्रकाशित कर सकते हैं।

      हटाएं
  4. kavita bhavna ke star par kooye ki tarah gahri hai. Afsos hai ki ham sabhi kooye ke medhak ki tarah hi seemit ho gaye hai, warna 60 salon mein ek nahi saikado Anna Hazare hone chahiye the.

    उत्तर देंहटाएं
  5. डा० वन्दना मुकेश जी अच्छा प्रयास ! आपके स्वागत में रचना की प्रस्तुति -
    उंची मोती सकरी दीवार देखकर ,बादशाह मेढक वहीं संसार देखकर |
    इतनी बड़ी दुनिया संसार देखकर ,ख़्वाबों में ढूढता बहार वह भेदकर ||

    उत्तर देंहटाएं

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top