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मीराबाई
बन्सी तूं कवन गुमान भरी॥
आपने तनपर छेदपरंये बालाते बिछरी॥
जात पात हूं तोरी मय जानूं तूं बनकी लकरी॥
मीराके प्रभु गिरिधर नागर राधासे झगरी बन्सी॥

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