4
Advertisement
केशवदास
विद्वानों के अनुमान के अनुसार केशव का जन्म १५६० ई.के आस पास और निधन १६०१ ई. के लगभग हुई थी . इनके विषय में ज्ञातव्य है कि ये राजप्रताप रूद्र के आश्रित सनाढ्य ब्राह्मण पंडित कृष्ण दत्त के पौत्र और राजा मधुकर से सम्मान पंडित काशीनाथ मिश्र के पुत्र थे तथा ओछा नरेश महाराज इन्द्रजीत सिंह इन्हें अपने गुरु के रूप में सम्मान देते थे . इन्द्रजीत सिंह के बड़े भाई महाराज रामसिंह इन्हें मंत्री के रूप में मानते थे .

रचनाएं :- इनके द्वारा विरचित प्रमुख रचनाएं हैं ,
रसिकप्रिया ,रामचंद्रिका ,कविप्रिया ,रतनबवानी  ,जहाँगीर जस चन्द्रिका ,वीरसिंह देव चरित ,विज्ञान गीता तथा नख-शिख और चन्द्रमाला .

व्यक्तित्व की दृष्टि से केशव का हिंदी साहित्य में अत्यंत गौरवपूर्ण स्थान है .भक्तिकालीन कवियों में संभवतः केशव पहले कवि है,जिन्होंने ब्रजभाषा में मुक्तकों के साथ-साथ प्रबंध  काव्य की रचना का सूत्रपात किया . विज्ञानगीता ,वीरसिंहदेवचरित ,जहाँगीर जस चन्द्रिका ,रतनबावनी और राम चन्द्रिका - ये पाँच ग्रन्थ केशव के द्वारा विरचित प्रबंधकाव्य है. इसमें इन्होने महाकाव्य की शैली अपनाई है . रामचन्द्रिका प्रबंधकाव्य में केशव को संवादों में अधिक सफलता मिली है.

एक टिप्पणी भेजें

  1. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (18-4-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुन्दर---उदाहरण भी दिये जाने चाहिये थे...

    " केशव केसन अस करी, अस अरिहू न करायं ।
    चन्द्र बदन, म्रगलोचनी, बावा कहि कहि जायं ॥"

    उत्तर देंहटाएं
  3. केशवदास पर संक्षिप्त किन्तु बहुत महत्वपूर्ण जानकारी...आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत खूब सुन्दर पोस्ट के लिए
    बधाई ......

    उत्तर देंहटाएं

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top