भगवान का करम /अकबर इलाहाबादी

अकबर इलाहाबादी
भाई मुस्लिम रंगे गर्दूं,  देख कर जागे तो हैं
ख़ैर हो क़िब्‍ले की लंदन की तरफ भागे तो हैं।

भगवान का करम हो सोदेशी  के बैल पर
लीडर की खींच खांच है, गाँधी की हांक है।

1 टिप्पणियाँ:

नीरज गोस्वामी ने कहा…

होली की ढेरों शुभकामनाएं.
नीरज

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