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मीराबाई
तुम बिन मेरी कौन खबर ले। गोवर्धन गिरिधारीरे॥
मोर मुगुट पीतांबर सोभे। कुंडलकी छबी न्यारीरे॥
भरी सभामों द्रौपदी ठारी। राखो लाज हमारी रे॥
मीराके प्रभु गिरिधर नागर। चरनकमल बलहारीरे॥

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  1. मीरा के पद मुझे यहाँ मिल गए.मैं बहुत खुश हूँ.अब मैं बिना किसी गलती किये गा सकुंगी.

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  2. .•♥•.
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    █◕█.•♥•.॥श्री कृष्ण: शरणम् मम:॥.•♥•.█◕█
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