3
कबीर के दोहे /ज्ञानी अभिमानी नहीं
कबीर के दोहे /ज्ञानी अभिमानी नहीं

कबीरदास सतगुरु शब्द उलंघ के, जो सेवक कहूँ जाय । जहाँ जाय तहँ काल है, कहैं कबीर समझाय ॥ गुरु आज्ञा मानै नहीं, चलै अटपटी चाल । ...

और जानिएं »

1
आती क्या खंडाला!/विचार मंथन
आती क्या खंडाला!/विचार मंथन

मनोज सिंह समुद्र की गहराइयां और पर्वत की ऊंचाइयों में प्रकृति के रहस्य छिपे हैं। यूं तो सागर सतह पर शांत और मीलों दूर स्थित क्षितिज तक, ...

और जानिएं »

0
मीरा के पद/तुम सुणौ दयाल
मीरा के पद/तुम सुणौ दयाल

मीराबाई तुम सुणौ दयाल म्हारी अरजी॥ भवसागर में बही जात हौं, काढ़ो तो थारी मरजी। इण संसार सगो नहिं कोई, सांचा सगा रघुबरजी॥ मात पिता औ कु...

और जानिएं »

0
सूरदास के पद/जो पै हरिहिं
सूरदास के पद/जो पै हरिहिं

सूरदास राग सारंग जो पै हरिहिं न सस्त्र गहाऊं। तौ लाजौं गंगा जननी कौं सांतनु-सुतन कहाऊं॥ स्यंदन खंडि महारथ खंडौं, कपिध्वज सहित डुलाऊं। ...

और जानिएं »

4
जोक्स हिन्दी
जोक्स हिन्दी

चिंटू : तेरे को तैरना आता हैं बंटू : नही! चिंटू : तेरे बराबर के तो कुत्ते भी तैर लेते हैं। बंटू : तेरे को तैरना आता हैं ? चिंटू : हाँ, बिल्...

और जानिएं »

2
मंत्र-मुग्ध/महेंद्र भटनागर
मंत्र-मुग्ध/महेंद्र भटनागर

महेंद्र भटनागर . गहन पहेली , ओ लता - चमेली! . अपने फूलों में / अंगों में इतनी मोहक सुगन्ध अरे , कहाँ से भर लायीं! . ओ श्वेता! ओ शुभ्रा!...

और जानिएं »

1
मेजर चौधरी की वापसी/अज्ञेय की कहानी
मेजर चौधरी की वापसी/अज्ञेय की कहानी

अज्ञेय किसी की टाँग टूट जाती है, तो साधारणतया उसे बधाई का पात्र नहीं माना जाता। लेकिन मेजर चौधरी जब छह सप्...

और जानिएं »

1
बच्चों की कहानी - दयालु चोर
बच्चों की कहानी - दयालु चोर

प्रिय मित्रों, हिंद्कुंज में बच्चों की कहानियाँ प्रस्तुत की जा रही है . आज इस कड़ी में प्रस्तुत है - 'दयालु चोर' . आशा है कि आप सभी क...

और जानिएं »

1
कुछ इशारे थे जिन्हें - फ़िराक़ गोरखपुरी
कुछ इशारे थे जिन्हें - फ़िराक़ गोरखपुरी

फिराक गोरखपुरी कुछ इशारे थे जिन्हें दुनिया समझ बैठे थे हम उस निगाह-ए-आशना को क्या समझ बैठे थे हम रफ़्ता रफ़्ता ग़ैर अपनी ही नज़र में ह...

और जानिएं »

1
मौसम में सनसनी/विचार मंथन
मौसम में सनसनी/विचार मंथन

मनोज सिंह शीत लहर का प्रकोप जारी, पिछले दस साल का रिकार्ड टूटा, इस मौसम का सबसे ठंडा दिन, चंडीगढ़ श्रीनगर और शिमला से भी अधिक ठंडा, समूचा ...

और जानिएं »

2
साठ का आदमी - सतीशचन्द्र
साठ का आदमी - सतीशचन्द्र

सतीशचन्द्र श्रीवास्तव आदमी   की   उम्र   जब   हो   जाती   है   साठ जिन्दगी   पढ़ाती   है   उसे   एक   नया   पाठ कल   तक   था   जिनका  ...

और जानिएं »

2
पाँच तत्व का पूतरा - कबीरदास के दोहे
पाँच तत्व का पूतरा - कबीरदास के दोहे

कबीरदास पाँच तत्व का पूतरा, मानुष धरिया नाम ।   दिना चार के कारने, फिर-फिर रोके ठाम ॥ एक बून्द के कारने, रोता सब संसार ।   अनेक बून्द...

और जानिएं »

2
महत्त्वाकांक्षा /डॉ. मीना अग्रवाल
महत्त्वाकांक्षा /डॉ. मीना अग्रवाल

डॉ.मीना अग्रवाल जेल में अस्पताल  अस्पताल में  बिछे सौ बिस्तर सभी सौ कैदी बँधे हैं अपने-अपने बिस्तर से ! पहले बिस्तर का कैदी खुश बह...

और जानिएं »
 
 
Top