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एक बार चीन के बादशाह बीमार पड़े. उन्हें किसी ने बतलाया कि भारतबर्ष से गंगा नदी का जल मंगवाए , वह फायदा करेगा . बस उन्होंने एक दूत गंगाजल लाने को भेजा . उसने बादशाह अकबर के दरबार में पहुँच कर सारा हाल कहा और गंगा जल माँगा . उस समय बीरबल भी वही मौजूद थे . उन्होंने क्रोधित होकर कहा - हमारे यहाँ कोई गंगा जल नहीं है . सारे दरबारी और बादशाह अकबर बड़े आश्चर्य में पड़ गए कि बीरबल क्या कह रहा है ? उन्होंने उससे पूछा - बीरबल पागल तो नहीं हो गए हो ? भारतबर्ष में गंगा नदी है तो सही . बीरबल ने कहा - हुजूर ! वह गंगा जल नहीं वह तो अमृत है . चीन के दूत ने कहा कि अमृत ही दे दो , लेकिन उत्तर मिला कि अपने बादशाह से पूछ कर आओ , तब मिलेगा .
आखिर वह दूत लौटकर चीन चला गया और वहाँ से बादशाह की आज्ञा लेकर आया , तब उसे (अमृत) गंगाजल दिया गया .

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  1. ज्ञानवार्ता है यह तो..चुटकुला नहीं.

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  2. IT IS VERY GOOD STEP TO, HOW DO NOT NO HINDI HE CAN LEARN IT VERY FAST. THANKING YOU FOR YOUR HARD KIND. ASHOK LALMAN VERMA.

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  3. लेकिन उस अमृत को तो हम कब का जहर बना चुके है | गंगा अब पीने योग्य नहीं रह गई है |

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  4. hamari ganga mata ka jal sachmach mein amrat hota hai

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  5. उस अमृत को तो हम कब का जहर बना चुके है | गंगा अब पीने योग्य नहीं रह गई है |

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