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ऐ प्यार तुझे ढूंढा कहाँ - कहाँ
तू मिला यहाँ ना मिला वहां ||
सोचा था जल्दी मिंल जाओगे
मेरा तुम साथ निभाओगे
इसी लालसा में तुझको
ना जाने ढूंढा कहाँ - कहाँ?
ऐ प्यार तुझे ढूंढा कहाँ - कहाँ
तू मिला यहाँ ना मिला वहां ||
तू रहता भ्रस्ताचारों में
या अम्बर के चाँद सितारों में
मैंने सोचा तो गलत किया
होता है सोचा किसका यहाँ ?
ऐ प्यार तुझे ढूंढा कहाँ - कहाँ
तू मिला यहाँ ना मिला वहां ||
रहता भिखमंगों के कटोरों में
या नेताओं के नोटों के बोरो में
मुझको ना अब तक पता चला
रहता है तू ना जाने किधर-कहाँ?
ऐ प्यार तुझे ढूंढा कहाँ - कहाँ
तू मिला यहाँ ना मिला वहां ||
महलों में तेरा बासिन्दा है
या देशभक्तों का तू कारिंदा है
ना पाया मैंने अभी तलक
ऐ प्यार तेरा दर-औ -पता |
ऐ प्यार तुझे ढूंढा कहाँ - कहाँ
तू मिला यहाँ ना मिला वहां ||
बसते सुकुमारी के काजल में
या बूढ़ी माँ के आंचल में
तुझे बहुत अब धुंध लिया
अब तू ही बता रहता है कहाँ?
ऐ प्यार तुझे ढूंढा कहाँ - कहाँ
तू मिला यहाँ ना मिला वहां ||

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  1. "बसते सुकुमारी के काजल में, या बूढ़ी माँ के आंचल में" बहुत खूब मनीष जी.....काफी मार्मिक शब्दों का प्रयोग किया है आपने बहुत बहुत धन्यवाद. ऐसे ही लिखते रहिये

    Deepak Paneru

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