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"कविता तो कविता होती हैं, नहीं कोई खेल,
जिस किसी के ह्रदय से आए , उससे नहीं किसी का मेल"
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'' गजले यहाँ मिलती ही नहीं हैं,
क्या लिखें, क्या पढ़ें, क्या गाए यहाँ पें"
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" किसी ने कहां -
वाह! क्या बात हैं, वाह! क्या बात हैं
हमनें कहां -
" अरे, अभी तो ये शुरुआत हैं,
आगे आगे देखिये हम क्या क्या नजरें लातें हैं"
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" यह दुनिया कभी आपकी थी ही नहीं,
जरा गौरसे देखिये -
सभी हैं आपके ..... आप किसीके नहीं...."
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" मैं बेचारी थकीं हारीं ,
इतनी दूर चली जाउंगी,
बिना खाने - पिने के
मेरी हालत बुरी हो
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