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अपनी ही डफली बजाते रहो तुम ........
तुम्हारे ही चलते ये हल्ला हंगामा

तुम्हारे ही चलते ही है शोर जारी

मेरा क्या मैं युहीं भटकता पथिक हूँ

मुझे तो है अपनी ये मौज प्यारी

मैं अक्सर तुम्हे देखता हूँ की तुम

बनाते हो बातों से सनसनी हमेशा

जो बेचा है तुमने चैतन्य अपना , अब

बेचना तुम्हारा होगया है पेशा

मैं समाचार देखूं तो दीखता नहीं है

तुम कहते हो सच्चाई बिकता नहीं है

फिर चड्डी का विज्ञापन दिखलाते रहो तुम

अपनी ही डफली बजाते रहो तुम ...............

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