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प्रिय मित्रों , 'हिंदीकुंज' में आज महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' के जन्मदिवस (२१ फ़रवरी ) के मौके पर उनकी प्रसिद्ध कविता 'कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती' प्रस्तुत की जा रही है । आशा है कि आप सभी को यह पसंद आएगी ।

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ।
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है ।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है ।
आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ।

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है,
जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है ।
मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में,
बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में ।
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ।

असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो ।
जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम,
संघर्ष का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम ।
कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ।



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  1. Nirala ji ke janamdiwas par itni achchi kavita padhwane ke liye shukriya

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  2. निराला...आभार...
    यह कविता निराला जी की है, या हरिवंशराय बच्चन की..?

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  3. मेरी दुविधा भी वही है जो रवि कुमार जी की, (रावतभाटा)
    मगर यह तय है, कि हम सब हिन्दी प्रेमी हैं, बच्चन और निराला दोनों ही हिन्दी के अनन्य सेवक थे और इन महान आत्माओं को प्रणाम।
    आभार सहित,

    उत्तर देंहटाएं
  4. निराला जी को शत शत नमन बहुत अच्छा प्रयास है धन्यवाद्

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  5. इस रचना के रचनाकार के बारे में मतभेद है। कुछ लोग इसे सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला" जी की रचना बताते हैं और कुछ हरिवंशराय बच्चन जी की।

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  6. बेनामीजून 10, 2011 3:53 pm

    Kosis karne walon ki haar nahin hoti- ye kavita to bachan ji ki hai

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  7. लिखने की शैली से तो बच्चन जी की प्रतीत होती है | क्योंकि निरालाजी प्रायः कठिन शब्दों का प्रयोग करते थे कुछ एक रचनाओं को छोड़ दें तो|

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  8. It is really gives inspiration to go forward in life to reach our goal

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  9. Nirala ji bahumukhi pratibha ke dhani the. Aapki rachnaye aashirwad ke rup me aaj bhi hamare sath hai.
    Aur jeevan me hmesha urja sanchar karti rahengi..

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  10. आशुतोष जी , अब ये आप पर है की इस दुविधा का निवारण करिएँ की इस कविता का लेखक कौन है,निराला या बच्चन.
    आपके उत्तर की प्रतीक्षा में

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  11. meri school time ki padhi hui kavita hai ye... kavi- Nirala tripathi....

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  12. बहुत ही महत्वपूर्ण है

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  13. यह कविता हरिवंशराय बच्चन या निराला की न होकर सोहनलाल द्विवेदी की है। 2010 में देवमणि पाण्डेय ने अपने ब्लाग पर इस विषय में लिखा था लेकिन साक्ष्य का अभाव था। हमने इसपर कुछ साक्ष्य एकत्रित, कुछ विशेषज्ञों से चर्चा की व अमिताभ बच्चन से पुन इस विषय में ट्विटर द्वारा जानकारी चाही और 3 दिसंबर 2015 को अमिताभ बच्चन ने स्वयं ट्विटर व फेसबुक पर स्वीकारा की यह रचना उनके बाबूजी की न होकर सोहनलाल द्विवेदी की है। हमारे प्रश्न और अमिताभ बच्चन का उत्तर आप निम्न लिंकस पर पढ़ सकते हैं:

    https://twitter.com/srbachchan/status/19327863853
    http://www.twitlonger.com/show/n_1snvpi8
    https://www.facebook.com/AmitabhBachchan/posts/1153934214640366

    साभार,

    --
    रोहित कुमार 'हैप्पी'
    संपादक, भारत-दर्शन
    न्यूज़ीलैंड।
    --
    Rohit Kumar 'Happy'
    Editor, Bharat-Darshan
    2/156, Universal Drive
    Henderson, Waitakere - 0610
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