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उर्दू हिंदी शब्दकोश
उर्दू हिंदी शब्दकोश

उर्दू हिंदी शब्दकोश प्रिय मित्रों , हिंदी साहित्य के छात्रों एवं पाठकों के लिए उर्दू भाषा की जानकारी बहुत आवश्यक है, क्योंकि हिंदी साहित...

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एक लड़का -  इब्ने इंशा
एक लड़का - इब्ने इंशा

एक छोटा-सा लड़का था मैं जिन दिनों एक मेले में पंहुचा हुमकता हुआ जी मचलता था एक-एक शै पर मगर जेब खाली थी कुछ मोल ले न सका लौट आया लिए हसरतें ...

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मैं जहाँ तुम को बुलाता हूँ - अली सरदार जाफ़री
मैं जहाँ तुम को बुलाता हूँ - अली सरदार जाफ़री

मैं जहाँ तुम को बुलाता हूँ वहाँ तक आओ मेरी नज़रों से गुज़र कर दिल-ओ-जाँ तक आओ फिर ये देखो कि ज़माने की हवा है कैसी साथ मेरे मेरे फ़िर्दौस-ए...

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प्रेमचंद की कहानी 'कौशल'
प्रेमचंद की कहानी 'कौशल'

पंडित बलराम शास्त्री की धर्मपत्नी माया को बहुत दिनों से एक हार की लालसा थी और वह सैकडो ही बार पंडित जी से उसके लिए आग्रह कर चुकी थी, किन...

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निर्मला(१४) - प्रेमचंद का उपन्यास
निर्मला(१४) - प्रेमचंद का उपन्यास

दोनों बाते एक ही साथ हुईं-निर्मला के कन्या को जन्म दिया, कृष्णा का विवाह निश्चित हुआ और मुंशी तोताराम का मकान नीलाम हो गया। कन्या का जन्म त...

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चिंता सर्ग( २) - कामायनी
चिंता सर्ग( २) - कामायनी

सुरा सुरभिमय बदन अरूण वे नयन भरे आलस अनुराग़, कल कपोल था जहाँ बिछलता ...

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अज्ञेय की कविता 'सवेरे उठा तो धूप खिली थी'
अज्ञेय की कविता 'सवेरे उठा तो धूप खिली थी'

सवेरे उठा तो धूप खिल कर छा गयी थी और एक चिड़िया अभी-अभी गा गयी थी । मैने धूप से कहा: मुझे थोड़ी गरमाई दोगी उधार चिड़...

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अज्ञेय की कहानी 'शरणदाता'
अज्ञेय की कहानी 'शरणदाता'

'' यह कभी हो ही नहीं सकता , देविन्दरलाल जी! '' रंफीकुद्दीन वकील की वाणी में...

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महेन्द्र भटनागर की कविता 'संकल्पित'
महेन्द्र भटनागर की कविता 'संकल्पित'

प्रज्ज्वलित-प्रकाशित दीप हैं हम ! सिर उठाये, जगमगाती रोशनी के दीप हैं हम ! वेगवाही अग्नि-लहरों से लहकते चिन्ह-धर, ध्रुव-दीप हैं हम ! शांत प...

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महादेवी वर्मा की कविता  'तेरी सुधि बिन क्षण क्षण सूना'
महादेवी वर्मा की कविता 'तेरी सुधि बिन क्षण क्षण सूना'

कम्पित कम्पित, पुलकित पुलकित, परछा‌ईं मेरी से चित्रित, रहने दो रज का मंजु मुकुर, इस बिन श्रृंगार-सदन सूना ! ...

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हरिवंशराय बच्चन की कविता 'नव वर्ष'
हरिवंशराय बच्चन की कविता 'नव वर्ष'

नव वर्ष हर्ष नव जीवन उत्कर्ष नव । नव उमंग, नव तरंग, जीवन का नव प्रसंग । नवल चाह, ...

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इज्ज़त का ख़ून -  प्रेमचंद की कहानियाँ
इज्ज़त का ख़ून - प्रेमचंद की कहानियाँ

मैंने कहानियों और इतिहासो मे तकदीर के उलट फेर की अजीबो- गरीब दास्ताने पढी हैं । शाह को भिखमंगा और भिखमंगें को शाह बनते देखा है तकदी...

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