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प्रेमचंद युग

प्रेमचंद जी ने सामाजिक ,राजनीतिक एवं आर्थिक यथार्थ को केन्द्र में रख कर मानवीय संवेदना और हिन्दी कथा - संसार से देवता ,राजा और ईश्वर को अपदस्थ करके दीन,दलित ,शोषित प्रताड़ित मनुष्य को नायक के पद पर प्रतिष्ठित किया , यह उनका युगांतकारी कार्य था। इसीलिए उनके समय को हिन्दी कथा साहित्य में 'प्रेमचंद युग' के नाम से जाना जाता है।यहाँ पर उनकी कुछ महत्वपूर्ण कहानियाँ दी जा रही है । आशा है, आपको इन कहानियों द्वारा प्रेमचंद के कथा संसार को समझने में सहायता मिलेगी ।

प्रिय मित्रों , इसके पहले हिंदीकुंज में प्रेमचंद की कहानियों को ई-बुक के रूप में दिया गया था, अब आप प्रेमचंद की कहानियों को ऑनलाइन पढ़ने के साथ - साथ भी कर सकते है। मुझे इस सम्बन्ध में आपके सुझावों की अपेक्षा है।

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