5
Advertisement
एक आदमी
रोटी बेलता है
एक आदमी रोटी खाता है
एक तीसरा आदमी भी है
जो न रोटी बेलता है, न रोटी खाता है
वह सिर्फ़ रोटी से खेलता है
मैं पूछता हूं--
'यह तीसरा आदमी कौन है ?'
मेरे देश की संसद मौन है।

एक टिप्पणी भेजें

  1. धन्यवाद इस अनुपम रचना के लिए

    उत्तर देंहटाएं
  2. धूमिल जी की इस कालजयी कविता को यहां प्रस्‍तुत करने के लिए धन्‍यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  3. तीसरा आदमी वही है तो क्यों बोलेगा ?
    कैसे बोलेगा ?
    मौन होना उसकी मजबूरी है ..
    ............ आभार ,,,

    उत्तर देंहटाएं
  4. रोटी से खेलने वाला तिसरा व्यक्ति को जनता भली भॉंती पहचानती हैं । पर जनता डरा हुआ ,छला हुआ ,और ठगा हुआ हैं ।संसद मौन हैं ,पर जानती सब कुछ हैं,बस मौन तोडने वाले की जरूरत है।

    उत्तर देंहटाएं
  5. कमाल कविता!! शब्द नहीं हैं तारीफ़ के लिये.

    उत्तर देंहटाएं

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top