20
Advertisement

प्रत्यय Hindi Suffix 


वह शब्द जो किसी शब्द के पीछे जुड़ कर अर्थ में कुछ परिवर्तन ला देता है ,प्रत्यय कहलाता है । जैसे - बचत ,दिखावा ,खाता, मासिक ,संभावित ,कृपालु आदि । इसके दो भेद होते है -

कृत प्रत्यय


१.कृत - प्रत्यय :- जो प्रत्यय धातुओं के साथ जुड़कर अर्थ में कुछ परिवर्तन ला देते है , कृत प्रत्यय कहलाते है । जैसे - बन + आवट = बनावट , लूट + एरा = लुटेरा , पूजा + री = पुजारी , हँस + ओड़ = हंसोड़ ।

कृत प्रत्यय के पाँच भेद होते हैं - 

१ .कर्तृवाचक प्रत्यय - ये क्रिया करने वाले को सूचित करते हैं अर्थात धातु अथवा क्रिया के कृत प्रत्यय लगाने से बनने वाली ऐसी संज्ञाएँ जो कार्य को सूचित करे ,कर्त वाचक कहलाती है . इसे बनाते समय निम्न प्रत्यय लगाये जाते हैं - १. वाला - पढ़ने वाला , गानेवाला २. सार - मिलनसार ३.वैया - गवैया ४. लू - कतालु,झगडालू  ५. आ - चढ़ा ,रखा , करा ,चला .

२. कर्मवाचक - ये सकर्मक क्रिया के सामान्य भूत में हुआ या हुई लगाने से बनते हैं . जैसे - बढ़ा हुआ ,लिखी हुई आदि . जैसे - ना - खाना ,जाना , रोना . नी - चटनी ,कहानी , मारनी .

३. भाववाचक - ये कृदंत भाववाचक संज्ञा का काम करते हैं . जैसे - मिल से मिलाप , चिक से चिकनाई या चिकनाहट ,बनना से बनावट ,गढ़ना से गढ़ंत ,बचना से बचाव आदि . क्रिया के अंत में आ , आई , आन , आव , आप ,आस , औनी ,पन ,ई ,न्त आदि लगाकर ये बनाये जाते हैं .

४. क्रियाबोधक - इनसे क्रिया के अर्थ का बोध होता है . जैसे आते हुए ,लिखते ,हँसते हुए आदि .

५. कारणवाचक - क्रिया के अंत में ना,आ , ई , नी , अन आदि लगाने से बनते हैं . जैसे - चलनी , कतरनी , बेल्न्बा , झूला , रमण ,ढकनी आदि .

तद्धित प्रत्यय

२.तद्धित प्रत्यय : - वे प्रत्यय जो किसी संज्ञा ,सर्वनाम या विशेषण के साथ जुड़ कर अर्थ में परिवर्तन ला देते है , तद्धित प्रत्यय कहलाते है । जैसे - मामा + एरा = ममेरा , लड़का + पन = लडकपन , छोटा + पन = छुटपन , अपना + पन = अपनत्व , मम + ता = ममता , ऊँचा + आई = ऊँचाई

तद्धित प्रत्यय के भेद निम्न है -


१. कर्तृवाचक तद्धित प्रत्यय -  इससे कत्व्वाचक का बोध होता है .ये हरा या वाला लगाने से बनते हैं - ताँगावाला ,लकडहारा , लुटेरा ,सपेरा ,लोहार .

२. भाववाचक तद्धित प्रत्यय - ये गुण ,स्वभाव ,धर्म आदि के सूचक है .लम्बा - लम्बाई ,मनुष्य - मनुष्यता,लड़का - लड़कपन ,चिकना - चिकनाहट ,चढ़ना - चढ़ाई .

३. उनवाचक तद्धित प्रत्यय - जिन प्रत्ययों को लगाने से संज्ञा आदि शब्दों में लघुता का बोध हो , उन्हें उन वाचक तद्धित प्रत्यय कहते हैं .वे , इया , री ,ओली आदि उन वाचक प्रत्यय हैं .

४. अव्ययवाचक तद्धित प्रत्यय  - अव्यय वाचक प्रत्याओं को लगाने से बनते हैं .भर ,टक ,था ,त्र ,दा आदि बनते हैं .दिनभर ,शाम तक ,अन्यथा , एकत्र आदि .

५. गुणवाचक तद्धित प्रत्यय - ये गुण भाव का प्रदर्शन करते हैं . यथा - भूख से भूखा , नगर से नागरिक ,प्राण से प्राणवान आदि .

६. सम्बन्धवाचक तद्धित प्रत्यय - जो सम्बन्ध की सूचना देते हैं - शैव (शिव का उपासक ) ,वैष्णव ( विष्णु का उपासक ) ,फूफा से फूफेरा आदि .


एक टिप्पणी भेजें

  1. बहुत सुन्दर अर्थ सहित व्याख्या . आभार

    उत्तर देंहटाएं
  2. bahut bahut saadhuvaad is upyogi jaankaari ke liye

    bada achha laga !

    उत्तर देंहटाएं
  3. अच्छी जानकारी ....... हिन्दी की कक्षाएँ बहुत अच्छी चल रही हैं आशुतोष जी ......... शुक्रिया ........

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत सुन्दर आप लोगों को हिन्दी सिखा कर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं धन्यवाद्

    उत्तर देंहटाएं
  5. aapka prayas hindi ko vishwa bhasha banane ki our agarsar hai dhanyvaad

    उत्तर देंहटाएं
  6. बेनामीजून 29, 2010 4:19 pm

    hindi kunj is the best hindi vyakaran site. It helps me in my homework.




    Thank you
    hindi kunj

    उत्तर देंहटाएं
  7. how many kinds of तद्धित प्रत्यय

    उत्तर देंहटाएं
  8. i like to hindi vyakaran on net . thanks

    उत्तर देंहटाएं
  9. i like this site and found very useful my best wishes to Hindi Kunj

    उत्तर देंहटाएं
  10. बेनामीमई 24, 2013 3:46 pm

    plz isme or jayda grammer ko inclued kare jaise chhand ..

    उत्तर देंहटाएं
  11. aap mahanubhavon ka kotishah dhanyavad jo ki aap logo ne hindi ke gyaan ko is web site par prakashit kiya

    उत्तर देंहटाएं
  12. Good work. But there is confusion in example. 'puja' is noun, why Pujari should not be 'tadhit ' and 'mum' is a dhatu, why 'mumera ' should not be 'krit '.

    उत्तर देंहटाएं

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !
टिप्पणी के सामान्य नियम -
१. अपनी टिप्पणी में सभ्य भाषा का प्रयोग करें .
२. किसी की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी न करें .
३. अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .

 
Top