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समुच्चयबोधक (conjunction)

जो शब्द दो या दो से अधिक शब्दों ,वाक्यांशों या वाक्यों को मिलाते या जोड़ते है,उन्हें समुच्चयबोधक कहा जाता है . जैसे - .राम ने खाना खाया और सो गया . .श्याम को तेज बुखार है ,इसीलिए वह आज नहीं खेलेगा . .उसने बहुत विनती की लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी. .अगर तुम बुलाते तो मै जरुर आता.

इन वाक्यों में 'और','इसीलिए','लेकिन','तो' शब्द दो वाक्यों को आपस में जोड़ रहे है. अत: यहां समुच्चयबोधक है.

अन्य समुच्चयबोधक शब्द : तब,और,वरना,इसीलिए,बल्कि,ताकि,चूँकि,क्योंकि, या,अथवा ,एवं तथा ,अन्यथा आदि.

इन समुच्चयबोधक शब्दों को योजक भी कहा जाता है. कुछ योजक शब्द शब्दों या वाक्यों को जोड़ते है तो कुछ शब्द आपस में भेद प्रकट करते हुए भी शब्दों या वाक्यों को आपस में जोड़ते है



3 comments:

योगेन्द्र मौदगिल on २३ नवम्बर २००९ ८:२४ PM ने कहा…

Wah...

Shabbash..

Nirmla Kapila on २३ नवम्बर २००९ ८:४९ PM ने कहा…

ये हिन्दी सिखाने का प्रयास बडिया है वर्ना हम तो भूल ही चुके थे धन्यवाद्

राज भाटिय़ा on २५ नवम्बर २००९ १:०२ AM ने कहा…

बहुत ही सुंदर लगा धन्यवाद


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