जो शब्द क्रिया की विशेषता बतलाये ,उसे क्रिया विशेषण कहते है । जैसे - १.खरगोश तेज दौड़ता है। २.पिता जी बाहर घूमने जा रहे है। ३.धीरे धीरे मेरा उससे परिचय हुआ । ४.मेज के ऊपर पुस्तक रखी हुई है।
क्रिया विशेषण के भेद :-
१.कालवाचक विशेषण
२.स्थानवाचक विशेषण
३.परिमाणवाचक विशेषण
४.रीतिवाचक विशेषण
१.कालवाचक विशेषण : -वे क्रिया विशेषण शब्द जो क्रिया के घटित होने के समय से सम्बंधित विशेषण बताते है ,वे कालवाचक क्रियाविशेषण कहलाते है। जैसे - १.आज बरसात होगी । २.माँ सुबह नाश्ता बनाती है ।३.राम कल मेरे घर आयेगा। इस क्रिया विशेषण के अन्य उदाहरण निम्न है -
कल ,परसों ,प्रायः ,अक्सर ,बाद में ,जब,तब,अब,अभी,आज,कभी,नित्य ,सदा,प्रतिदिन आदि है ।२.स्थानवाचक क्रियाविशेषण : - वे क्रिया विशेषण शब्द जो क्रिया के घटित होने के स्थान का बोध कराते है,उन्हें स्थानवाचक क्रियाविशेषण कहते है। जैसे - १.अन्दर जाकर पढ़ो ! २.बच्चे ऊपर खेलते है । ३.अब वहां अकेला मज़दूर था । इस क्रिया विशेषण के अन्य उदाहरण निम्न है -
यहाँ,वहां ,कहाँ,दूर,पास,ऊपर,नीचे ,अन्दर ,बाहर,भीतर ,किधर ,इस ओर,उस ओर,इधर,उधर आदि।३.परिमाणवाचक क्रियाविशेषण :- जिन क्रिया -विशेषण शब्दों से क्रिया के परिमाण अथवा मात्रा से सम्बंधित विशेषता का बोध हो ,उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते है । जैसे - १.अधिक पढ़ो ! २.कम खाओ ! ३.ज्यादा सुनो ! । अन्य परिमाणवाचक क्रिया विशेषण इस प्रकार है - पर्याप्त ,कुछ ,जरा ,खूब,बिल्कुल,काफ़ी ,बहुत,कितना,थोड़ा,ज्यादा आदि है।
४.रीतिवाचक क्रिया विशेषण : - जो क्रिया विशेषण शब्द क्रिया के घटित होने की विधि या रीति से सम्बंधित विशेषता का बोध करवाते है,उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते है। जैसे - १.कछुवा धीरे धीरे चलता है । २.अचानक काले बादल घिर आए ३.हरीश ध्यानपूर्वक पढ़ रहा है। इसके अलावा रीतिवाचक क्रियाविशेषण के अन्य उदाहरण है - ठीक ,ग़लत,सच,झूठ,धीरे,सहसा,ध्यानपूर्वक ,ऐसे,वैसे,कैसे,तेज आदि।

1 comments:
बहुत बडिया आपका धन्यवाद । हिन्दी सेवा के लिये आपका समर्पण अनुकरणीय है बधाई
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