रामप्रसाद विस्मिल की आत्मकथा डाउनलोड करें

रामप्रसाद विस्मिल ,भारतमाता के ऐसे अमर सपूत थे,जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दीउनका जन्म सन १८९७ में उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में हुआ थाउनके पिता मुरलीधर शाहजहांपुर के नगरपालिका में काम करते थे१९ दिसंबर ,सन 1927 में ब्रिटिश सरकार ने रामप्रसाद विस्मिल को फांसी दे दीअमर शहीद रामप्रसाद 'बिस्मिल' का सरफरोसी की तमन्ना ही वह गीत है जिसे गाते हुए कितने ही देशभक्त फांसी के फन्दे को चूम लिये। इस गीत की कुछ पंक्तियाँ नीचे दी जा रही है :

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

देखना है ज़ोर कितना बाज़ुए कातिल में है


वक्त आने दे बता देंगे तुझे ए आसमान,

हम अभी से क्या बतायें क्या हमारे दिल में है


करता नहीं क्यूँ दूसरा कुछ बातचीत,

देखता हूँ मैं जिसे वो चुप तेरी महफ़िल में है


आप रामप्रसाद विस्मिल की आत्मकथा को यहाँ से डाउनलोड करें ,ख़ुद पढ़ें और अपने मित्रों को भी पढ़ने के लिए वितरित करें । मुझे आपके सुझावों की प्रतीक्षा है।

1 टिप्पणियाँ:

Udan Tashtari ने कहा…

बेहतरीन लिंक, आभार.

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