बच्चन की मधुशाला डाउनलोड करें
हरिवंशराय बच्चन , हालावाद के प्रवर्तक माने जाते है। 'मधुशाला' ,उमर खैय्याम की रुवाइयों के आधार पर रचित साकी,शराब और मधुशाला से ओत-प्रोत रचना है। बच्चन की ख्याति का मुख्य कारण मधुशाला ही है। यही उनके हिन्दी काव्य जगत में एक जन प्रिय कवि के रूप में सामने ले आई। इसमे उन्होंने व्यक्ति और समाज को पीड़ा को उन्माद और मधु की मस्ती में भुला देने की प्रेरणा दी। वे अपनी मधुशाला के गीतों में जीवन के संघर्ष और घात-प्रतिघात को दबा देते है। उन्होंने वही सब कुछ किया ,जो की संसार अब तक कर चुका है। वे अपने आपको छिपाना नही चाहते है।आप इस पुस्तक को यहां से डाउनलोड करें , ख़ुद पढ़ें और अपने मित्रों को भी पढ़ें के लिए वितरित करें ।
मुझे आपके सुझावों की प्रतीक्षा है।
सौजन्य : scribd
10 टिप्पणियाँ
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22 सितम्बर 2009 12:22 pm
दुबे जी बहुत बहुत धन्यवाद
22 सितम्बर 2009 6:57 pm
आनंद आ गया...बहुत बहुत शुक्रिया...
नीरज
23 सितम्बर 2009 1:32 am
Dhanyawad.
23 सितम्बर 2009 1:42 am
आनंद आ गया! बहुत बहुत धन्यवाद!
16 अक्तूबर 2009 7:24 pm
कमाल कर दिया ! उपयोगी और महत्वपूर्ण है और इसका और् अधिक प्रचार होना चाहिए
29 जून 2010 4:03 pm
bahut hi shaandar
3 दिसम्बर 2010 1:54 pm
tha main diye ki roshni ki talash me nahi pata tha ki un sooraj ka ujala meri rah dekh raha hai.....
bahut bahut dhanyavad
25 जून 2011 2:32 pm
bahut accha laga padhkr hindi me kaise type karoon/
12 अक्तूबर 2011 6:50 pm
I really Salute to Mr.Harivansh Rai Bachhan....It's a Greatest poetry of this world...
I really like It.
Abhishek Mishra
9 मई 2012 5:05 pm
ek aanand aa gaya