प्रेमचंद की निर्मला डाउनलोड करें

निर्मला, मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखा गया एक बहुचर्चित उपन्यास हैइसका प्रकाशन सन १९२७ में हुआ थासन १९२६ में दहेज़ प्रथा और अनमेल विवाह को आधार बना कर निर्मला उपन्यास का लेखन प्रारम्भ हुआइलाहाबाद से प्रकाशित होने वाली महिलाओं की पत्रिका 'चाँद' में नवम्बर १९२५ से दिसंबर १९२६ तक यह उपन्यास विभिन्न किस्तों में प्रकाशित हुआ
निर्मला उपन्यास मूलतः निर्मला की त्रासदी हैउपन्यास का लक्ष्य अनमेल-विवाह तथा दहेज़ प्रथा के बुरे प्रभाव को अंकित करता है, ये दोनों समस्याएं सीधे निर्मला के जीवन से जुड़ी हैनिर्मला का जीवन दहेज़ की बलि चढ़ता है और उसे अपने पिता की आयु के रोगी एवं बूढे व्यक्ति से शादी करनी पड़ती हैनिर्मला के माध्यम से भारत की मध्यवर्गीय युवतियों की दयनीय हालत का चित्रण हुआ हैनिर्मला का चरित्र निर्मल है ,परन्तु फिर भी समाज में उसे अनादर एवं अवहेलना का शिकार होना पड़ता हैउसकी पति परायणता काम नही आतीउस पर संदेह किया जाता है,उसे परिस्थितियां उसे दोषी बना देती हैइस प्रकार निर्मला विपरीत परिस्थितियों से जूझती हुई मृत्यु को प्राप्त करती है

आप इस उपन्यास को यहाँ से डाउनलोड करें , ख़ुद पढ़ें और अपने मित्रों को भी पढ़ें के लिए वितरित करें ।
मुझे आपके सुझावों की प्रतीक्षा है।


सौजन्य : scribd

, ,

4 टिप्पणियाँ

बहुत-बहुत आभार आपका।

bahut bahut dhanyawaad..bachpan mein padha tha par samajh naheen aaya tha..ab aaraam se padhenge :)

premchand ji ki kahaniyo ki gahrai ab samaj aa rhi h
nirmla sach ye bataya h ki naari ko kin kin mushkilo se jujhna padta sabse pawitr rishta hota h ma ka us par bhi shak ho to jiwan me kuch baki nahi reh jata

apaka subha guzarish hein hum

Write Down Your Responses

आपकी मूल्यवान टिप्पणियाँ हमें उत्साह और सबल प्रदान करती हैं, आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है !

Next previous home