0
सोशल मीडिया  खट्टे मीठे अनुभव
सोशल मीडिया खट्टे मीठे अनुभव

सोशल मीडिया  खट्टे मीठे अनुभव सोशल मीडिया सोशल मीडिया एक तरह से दुनिया के विभिन्न कोनों में बैठे उन लोगों से संवाद है जिनके पास इंटर...

और जानिएं »

0
ख़ून
ख़ून

ख़ून सिन्धी कहानी  मूल: भगवान अटलाणी  अनुवाद: देवी नागरानी थका हुआ हूँ पर नींद नहीं आती । गाँव के ऊबड़-खाबड़ कच्चे रास्ते पर क...

और जानिएं »

0
ग्लानि
ग्लानि

ग्लानि विजयानंद विजय आज सर्दी कुछ ज्यादा-ही थी। चारों ओर घना कोहरा छाया हुआ था। दिन के दो बज रहे थे।उसकी ट्रेन और दो घंटे लेट हो ग...

और जानिएं »

0
इलाहाबाद का नजारा
इलाहाबाद का नजारा

इलाहाबाद का नजारा कई शहर तो अपने में मायने रखते हैं लेकिन इलाहाबाद की माटी की खुशबू ही कुछ नया है जिसे इलाहाबाद की खूबियाँ देखनी हो तो उ...

और जानिएं »

0
मेरा गाँव
मेरा गाँव

मेरा गाँव भारत की ८५ % जनता गाँवों में रहती है . भारत की सच्ची तस्वीर गाँवों में ही देखी जा सकती हैं . हमारे कवियों ने गाँवों के अत्यंत ...

और जानिएं »

0
सारा आकाश उपन्यास में ठाकुर साहब
सारा आकाश उपन्यास में ठाकुर साहब

सारा आकाश उपन्यास में ठाकुर साहब  समर के पिता ठाकुर साहब एक सह - पात्र के रूप में उपन्यास में आते हैं . ये भी मध्यवर्गीय पात्र का प्रतिन...

और जानिएं »

0
बकिट लिस्ट
बकिट लिस्ट

बकिट लिस्ट बंसी खूबचंदाणी हां 37 साल कैसे पूरे हो गए, पता ही न चला। पता कैसे नहीं चला? कभी-कभी तो ऑफिस में इतना मानसिक तनाव होता...

और जानिएं »

0
प्रेम तुम्हारा
प्रेम तुम्हारा

प्रेम तुम्हारा नही छुपाना चाहती मैं  प्रेम निशान अपनी उम्र का मेरे बालों की सफेदी से नहीं है मुझे कोई परेशानी  क्या फकॅ पड़ता...

और जानिएं »

0
मैं फिर चीखा
मैं फिर चीखा

मैं फिर चीखा आज मैं  अशोक बाबू माहौर  फिर चीखा  डरावना स्वप्न देखा  माँ ने मुझे डाँटा किन्तु क्या ? हवा थी I  सुबह च...

और जानिएं »
 
 
Top