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तुम्हारे लिए
तुम्हारे लिए

तुम्हारे लिए तुम्हारे लिए मेरा प्यार दूब की तरह है अमरत्व लिये हुए यह जीवित रहेगा हर परिस्थिति में जैसे जीवित रहती है दूब दुर...

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अपने होने का हम इस तरह पता देते थे
अपने होने का हम इस तरह पता देते थे

अपने होने का हम इस तरह पता देते थे अपने होने का हम इस तरह पता देते थे खाक मुट्ठी में उठाते थे, उड़ा देते थे बेसमर जान के हम काट चुक...

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हम तुमसे प्यार करते हैं
हम तुमसे प्यार करते हैं

हम तुमसे प्यार करते हैं सजना हम तुमसे प्यार करते हैं . दिल को हम तुमसे बेक़रार करते हैं . क्यों औरों से दिल तूने लगाया मुझसे क्यों न...

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अब अक्सर चुप-चुप से रहे हैं
अब अक्सर चुप-चुप से रहे हैं

अब अक्सर चुप-चुप से रहे हैं अब अक्सर चुप-चुप से रहे हैं यूँ ही कभी लब खोले हैं पहले "फ़िराक़" को देखा होता अब तो बहुत कम बो...

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मापदंड बदलो दुष्यंत कुमार
मापदंड बदलो दुष्यंत कुमार

मापदंड बदलो  मेरी प्रगति या अगति का यह मापदंड बदलो तुम, जुए के पत्ते-सा मैं अभी अनिश्चित हूँ । मुझ पर हर ओर से चोटें पड़ रही हैं, ...

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नेता की सूरत
नेता की सूरत

नेता की सूरत  चोराहे पर कुछ भीड़ दिखी रुका तो एक नेता की सूरत दिखी एक खास अंदाज दिखा एक दमदार आवाज सुनी कुछ वादे कुछ कसमे नेता जी...

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विज्ञान के वरदान
विज्ञान के वरदान

विज्ञान के वरदान Essays on the Gift of Science in Hindi विज्ञान के वरदान पर निबंध Essays on the Gift of Science in Hindi विज्ञान...

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उखड़े खंभे हरिशंकर परसाई
उखड़े खंभे हरिशंकर परसाई

उखड़े खंभे हरिशंकर परसाई एक दिन राजा ने खीझकर घोषणा कर दी कि मुनाफ़ाख़ोरों को बिजली के खम्भे से लटका दिया जायेगा। सुबह होते ही लोग ब...

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वो कर गए बेवफाई
वो कर गए बेवफाई

वो कर गए बेवफाई जब वो कर गए बेवफाई मेरे से मेरे प्यार में . हम क्या करें यारों जीके इस जालिम संसार में .. कैसे छोड़ दूं यारों उनके न...

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