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दशा और दिशा
दशा और दिशा

दशा और दिशा    - पाठक को चिन्तन के लिए विवश करती कृति  संस्कृत में गद्य काव्य और पद्य काव्य के अतिरिक्त चंपू काव्य होता है, लेकिन हिंद...

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किन्नर
किन्नर

किन्नर  किन्नर किन्नर हूँ समाजों के विद्वेषों को ले जीता हूँ मैं ही अपना राम, मैं ही अपनी सीता हूँ।। ब्रह्मा की प्रतिछाया हूँ, कश...

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संगमरमर और रेशमी कपास
संगमरमर और रेशमी कपास

संगमरमर और रेशमी कपास लेखक: विष्णु भाटिया अनुवाद:देवी नागरानी  संगमरमर होता है-सख्त और कठोर। उँगलियाँ उलझेंगी, तो छिल जाएँगी, लहुलुह...

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नोटबंदी
नोटबंदी

नोटबंदी चारों तरफ मचा हाहाकार नोटबंदी ने किया बेकरार आम-आदमी है परेशान, नोटबंदी ने किया हैरान समझ नही आता क्या करें  ? नोटबंदी बै...

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कविता क्या है ?
कविता क्या है ?

कविता क्या है ?  हर परमाणु में कविता है, हर कविता विराट का रूप। हर बिंदु में कविता है, सागर है कविता का स्वरूप। ये ब्रह्मांड म...

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मन दर्पण
मन दर्पण

पुस्तक समीक्षा : मन दर्पण प्रस्तुत रचना संग्रह में लेखक की 65 रचनाएँ हैं जिनमें 5 गद्य एवं 60 कविताओं का समावेश है । प्रतीत होता है क...

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भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है ?
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है ?

भारतेन्दु का बलिया व्याख्यान - भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है ?  आज बड़े आनंद का दिन है कि छोटे से नगर बलिया में हम इतने मनुष्यों को ए...

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भीनी भीनी भोर भई
भीनी भीनी भोर भई

भीनी भीनी भोर भई "भीनी भीनी भोर भई.." | नयी सुबह और नयी राग || भीनी भीनी भोर आयी कण कण पे छिड़के रौशनी  क्या उजियारा ...

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धूमिल : भाषा में भदेस का कवि
धूमिल : भाषा में भदेस का कवि

धूमिल : भाषा में भदेस का कवि जन्मदिन पर विशेष आधुनिक कबीर की उपाधि से महिमामंडित प्रगतिवादी कवि बाबा नागार्जुन ने कभी कहा था - जनता म...

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